
उत्तराखंड और हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि बड़े बांधों का निर्माण और पहाड़ों की कटाई इस आपदा को और भयावह बना रही है। विकास की चाहत और पर्यावरण संरक्षण के बीच छिड़ी इस जंग ने कई गांवों का अस्तित्व खतरे में डाल दिया है।


