
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय गांवों में समुद्र का पानी अब खेतों में घुसने लगा है। बढ़ते जल स्तर और बार-बार आने वाले चक्रवातों ने उपजाऊ भूमि को खारा बना दिया है। मछुआरे और किसान अपने पुश्तैनी घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं। यह जलवायु परिवर्तन के उस प्रभाव को दर्शाता है जहाँ प्रकृति और आजीविका के बीच सीधा टकराव हो रहा है।


